जानिए 2026 में RERA रजिस्ट्रेशन की प्रक्रिया, नए नियम और अनुपालन (Compliance)। घर खरीदने से पहले RERA नंबर की जांच क्यों जरूरी है और डेवलपर्स के लिए इसके क्या सख्त नियम हैं? पढ़िए पूरी जानकारी।
प्रस्तावना: भारतीय रियल एस्टेट की रीढ़ - RERA
भारत में अपना घर खरीदना हर व्यक्ति का सपना होता है, लेकिन पहले इस क्षेत्र में पारदर्शिता की भारी कमी थी। प्रोजेक्ट्स में देरी, गलत वादे और फंड का गलत इस्तेमाल आम बात थी। इसी को सुधारने के लिए सरकार ने Real Estate (Regulation and Development) Act, 2016 (RERA) पेश किया।
आज 2026 में, RERA सिर्फ एक कानून नहीं, बल्कि भारतीय रियल एस्टेट की विश्वसनीयता का सबसे बड़ा पैमाना बन चुका है। अब चाहे आप फ्लैट खरीद रहे हों, प्लॉट ले रहे हों या एक रियल एस्टेट एजेंट के रूप में काम कर रहे हों, RERA के नियमों (Compliance) को समझना अनिवार्य है। इस लेख में हम RERA रजिस्ट्रेशन और इसके सख्त नियमों के बारे में विस्तार से जानेंगे।
RERA रजिस्ट्रेशन किसके लिए अनिवार्य है?
2026 के अपडेटेड नियमों के अनुसार, निम्नलिखित श्रेणियों के लिए रजिस्ट्रेशन कराना कानूनी रूप से अनिवार्य है:
1. रियल एस्टेट प्रोजेक्ट्स (डेवलपर्स/प्रमोटर्स)
क्षेत्रफल: यदि कोई प्रोजेक्ट 500 वर्ग मीटर से अधिक की भूमि पर विकसित हो रहा है।
इकाइयां (Units): यदि प्रोजेक्ट में 8 से अधिक अपार्टमेंट या फ्लैट बनाए जा रहे हैं।
प्रकार: इसमें रेजिडेंशियल (आवासीय) और कमर्शियल (व्यावसायिक) दोनों तरह के प्रोजेक्ट्स शामिल हैं।
नोट: बिना RERA रजिस्ट्रेशन नंबर के कोई भी बिल्डर अपने प्रोजेक्ट का विज्ञापन (Advertisement) नहीं दे सकता और न ही बुकिंग शुरू कर सकता है।
2. रियल एस्टेट एजेंट
भारत में कोई भी व्यक्ति या एजेंसी बिना RERA रजिस्ट्रेशन के प्रॉपर्टी की दलाली या मार्केटिंग नहीं कर सकती। 2026 में कई राज्यों में एजेंटों के लिए 'सर्टिफिकेशन एग्जाम' भी अनिवार्य कर दिया गया है ताकि केवल शिक्षित और जिम्मेदार लोग ही इस क्षेत्र में रहें।
RERA रजिस्ट्रेशन की प्रक्रिया: स्टेप-बाय-स्टेप (Process for 2026)
रजिस्ट्रेशन की पूरी प्रक्रिया अब डिजिटल हो चुकी है। यहाँ इसका मुख्य तरीका दिया गया है:
आधिकारिक पोर्टल पर जाएं: हर राज्य का अपना RERA पोर्टल है (जैसे UP-RERA, Maha RERA, Delhi-RERA)। सबसे पहले अपने राज्य की वेबसाइट पर जाएं।
यूजर प्रोफाइल बनाएं: 'Promoter' या 'Agent' के रूप में अपना अकाउंट रजिस्टर करें।
विवरण भरें: प्रोजेक्ट का नाम, लोकेशन, लैंड टाइटल, लेआउट प्लान और पजेशन की प्रस्तावित तारीख भरें।
दस्तावेज अपलोड करें: सभी कानूनी और वित्तीय दस्तावेज (PAN, Aadhaar, ITR, Sanction Plans) स्कैन करके अपलोड करें।
फीस का भुगतान: रजिस्ट्रेशन फीस प्रोजेक्ट के एरिया या एजेंट की श्रेणी के अनुसार ऑनलाइन जमा करें।
समीक्षा और अप्रूवल: अथॉरिटी आपके दस्तावेजों की जांच करेगी। यदि सब कुछ सही पाया गया, तो 15 से 30 दिनों के भीतर आपको एक यूनिक RERA Registration Number और सर्टिफिकेट जारी कर दिया जाएगा।
रजिस्ट्रेशन के लिए आवश्यक दस्तावेज (Document Checklist)
प्रमाणिकता (Authenticity) सुनिश्चित करने के लिए RERA सख्त दस्तावेजों की मांग करता है:
डेवलपर्स के लिए:
भूमि स्वामित्व के कागजात: जमीन का टाइटल डीड और यह प्रमाण कि जमीन पर कोई कानूनी विवाद नहीं है।
अनुमोदित नक्शा (Sanctioned Plan): सक्षम प्राधिकारी (Authority) द्वारा अप्रूव किया गया लेआउट और बिल्डिंग प्लान।
वित्तीय विवरण: पिछले 3 वर्षों की ऑडिटेड बैलेंस शीट और इनकम टैक्स रिटर्न (ITR)।
प्रोजेक्ट का विवरण: कारपेट एरिया (Carpet Area) का स्पष्ट विवरण, कॉमन एरिया और एमिनिटीज की जानकारी।
एफिडेविट (Affidavit): एक शपथ पत्र जिसमें यह लिखा हो कि बिल्डर ने प्रोजेक्ट की समय-सीमा और क्वालिटी का पालन करने का वादा किया है।
एजेंट्स के लिए:
व्यक्तिगत पहचान पत्र (PAN, Aadhaar)।
व्यवसाय का पता (Office Address Proof)।
पिछले 3 वर्षों का ITR रिकॉर्ड।
कोई भी लंबित आपराधिक या सिविल केस न होने की घोषणा।
RERA अनुपालन (Compliance) के सख्त नियम
रजिस्ट्रेशन लेना तो सिर्फ शुरुआत है; असली चुनौती नियमों का निरंतर पालन करना है। 2026 में 'RERA 2.0' के तहत अनुपालन और भी सख्त हो गए हैं:
1. एस्क्रो अकाउंट (70% फंड नियम)
डेवलपर्स को खरीदारों से एकत्र किए गए कुल पैसे का 70% हिस्सा एक अलग बैंक खाते (Escrow Account) में जमा करना होता है। इस पैसे का इस्तेमाल केवल उसी विशेष प्रोजेक्ट के निर्माण और जमीन की लागत के लिए किया जा सकता है। इससे फंड के डायवर्जन (पैसे को दूसरे प्रोजेक्ट में लगाना) पर रोक लगती है।
2. त्रैमासिक और मासिक अपडेट (Quarterly/Monthly Updates)
डेवलपर्स को हर तीन महीने (Quarterly) में प्रोजेक्ट की प्रगति की रिपोर्ट ऑनलाइन पोर्टल पर अपलोड करनी होती है। इसमें निर्माण की तस्वीरें, बेचे गए फ्लैट्स की संख्या और प्राप्त हुई एनओसी (NOCs) की जानकारी शामिल होती है। 2026 में कई राज्यों ने इसे 'मंथली अपडेट' मोड पर डाल दिया है।
3. कारपेट एरिया (Carpet Area) पर बिक्री
बिल्डर अब 'सुपर बिल्ट-अप एरिया' के नाम पर पैसे नहीं वसूल सकते। उन्हें केवल 'कारपेट एरिया' (दीवारों के अंदर का वास्तविक उपयोग योग्य क्षेत्र) के आधार पर ही कीमत बतानी और बेचनी होगी।
4. डिफेक्ट लायबिलिटी पीरियड (5 साल की वारंटी)
कब्जा (Possession) मिलने के 5 साल के भीतर अगर घर में कोई स्ट्रक्चरल डिफेक्ट (ढांचागत कमी) आती है, तो बिल्डर को उसे बिना किसी अतिरिक्त शुल्क के ठीक करना होगा।
खरीदारों के लिए RERA के फायदे
एक खरीदार के तौर पर RERA आपको ये अधिकार देता है:
देरी पर हर्जाना: यदि प्रोजेक्ट में देरी होती है, तो बिल्डर को आपको ब्याज सहित पैसा वापस करना होगा या देरी की अवधि का मासिक मुआवजा देना होगा।
पारदर्शिता: आप ऑनलाइन देख सकते हैं कि प्रोजेक्ट को कौन सी मंजूरी (Approvals) मिली है और कौन सी नहीं।
नक्शे में बदलाव: खरीदारों की 2/3 सहमति के बिना बिल्डर मूल नक्शे या डिजाइन में कोई बड़ा बदलाव नहीं कर सकता।
नियमों के उल्लंघन पर जुर्माना (Penalties)
RERA के तहत लापरवाही करना बहुत महंगा पड़ सकता है:
रजिस्ट्रेशन न कराने पर: प्रोजेक्ट की कुल लागत का 10% तक जुर्माना।
गलत जानकारी देने पर: प्रोजेक्ट की लागत का 5% तक जुर्माना।
आदेश न मानने पर: जुर्माना और 3 साल तक की जेल का प्रावधान है (डेवलपर्स के लिए) और 1 साल तक की जेल (एजेंट्स के लिए)।
निष्कर्ष: पारदर्शिता ही भविष्य है
2026 में, RERA ने रियल एस्टेट क्षेत्र को एक अनियंत्रित बाजार से बदलकर एक सुरक्षित निवेश क्षेत्र बना दिया है। खरीदारों के लिए सलाह है कि वे कभी भी उस प्रोजेक्ट में निवेश न करें जिसके पास वैध RERA नंबर न हो। वहीं डेवलपर्स के लिए, समय पर अनुपालन (Compliance) ही उनके ब्रांड की साख बनाने का एकमात्र रास्ता है।
